Delhi signature bridge

वाहवाही लूटने के चक्कर में आम आदमी पार्टी ने नीदरलैंड के पुल को बता दिया दिल्ली का सिग्नेचर ब्रिज !

दिल्ली के बहुप्रतीक्षित सिग्नेचर ब्रिज आज शाम को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उद्घाटन करेंगे. लेकिन इससे पहले इस पुल के साथ विवाद जुड़ गया है. दरअसल भाजपा ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी ने नीदरलैंड के पुल को दिल्ली का सिग्नेचर पुल बताकर उसकी फोटो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर कर दी.

आम आदमी पार्टी ने पुल की जिन तस्वीरों को अपने ट्वीटर हैंडल से शेयर किया है उसे कई आप नेता भी रिट्वीट कर रहे हैं. आप के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से शेयर की गई फोटो नीदरलैंड के एक ब्रिज की निकली. जिसके बाद तूफान मच गया.

आप की इस गलती की भाजपा के दिल्ली प्रदेश प्रवक्ता तेजिंदर पाल बग्गा ने पकड़ा. इसके बाद उन्होंने तुरंत ओरिजनल तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “साहब विकास कर लिया होता तो नीदरलैंड के इरास्मस ब्रिज की फोटो चुराने की जरूरत नही पड़ती. ये रहा उसका लिंक जहां से आपने तस्वीर चुराई खैर चोरी/घोटाला तो आपकी फितरत में है.”

बता दें कि लगभग 14 साल पहले साल 2004 में सिग्नेचर ब्रिज का प्रोजेक्ट शुरू हुआ था. अब ये जनता के लिए खोला जाएगा. साल 2007 में शीला दीक्षित सरकार ने इसे मंजूरी दी थी. शुरूआत में इसे 2010 में दिल्ली में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले पूरा होना था.

साल 2004 में इस पुल की अनुमानित लागत 494 करोड़ रुपए थी. लेकिन बाद में यह 1,131 करोड़ हुई. परियोजना की लागत साल 2015 में बढ़कर 1,594 करोड़ रुपए हो गई. पहली दफा इस ब्रिज को साल 1997 में प्रस्तावित किया गया था तब इसकी लागत 464 करोड़ रुपए आंकी गई थी. फिलहाल ब्रिज की फाइनल लागत 1518.37 करोड़ रुपए आई है.

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